बागेश्वर। क्लीन बागेश्वर फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने लगातार तीन सप्ताह तक चले स्वच्छता अभियान के बाद नीलेश्वर मंदिर मार्ग को पहले से अधिक स्वच्छ बना दिया है। तीन चरणों में संचालित अभियान का अंतिम चरण सफलतापूर्वक पूरा कर मार्ग से बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया।
स्वयंसेवकों ने सफाई अभियान के दौरान प्लास्टिक, चिप्स एवं नमकीन के रैपर, कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, शराब की खाली बोतलें तथा अन्य ठोस कचरे को एकत्र कर निस्तारित किया। अभियान के दौरान मंदिर परिसर से सटी पहाड़ी की झाड़ियों में आपत्तिजनक सामग्री भी मिली, जिसे स्वयंसेवकों ने साफ किया। फाउंडेशन ने इसे धार्मिक स्थल की गरिमा के विपरीत बताते हुए चिंता जताई।
फाउंडेशन के सदस्य कमल फर्स्वाण ने कहा कि बागेश्वर की पहचान केवल धार्मिक और प्राकृतिक धरोहर से नहीं, बल्कि यहां के लोगों के नागरिक दायित्व से भी होनी चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि मंदिर आने के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे को डस्टबिन में डालें अथवा अपने साथ वापस ले जाएं।
फाउंडेशन ने नगर पालिका से मंदिर मार्ग पर पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया है, ताकि असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
स्वयंसेवकों ने कहा कि स्वच्छ बागेश्वर केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और गरिमा लंबे समय तक बनाए रखी जा सकती है।








