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प्रारंभिक शिक्षा को नई दिशा: बागेश्वर में नवसृजन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आगाज

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बागेश्वर : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर, उत्तराखंड में प्रारंभिक शिक्षक शिक्षा को नवाचार और गतिविधि आधारित अधिगम से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राज्य स्तरीय नवसृजन शिक्षा नवाचार शिक्षण सामग्री प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक पार्वती दास, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या और डायट प्राचार्य चक्षुपति अवस्थी ने किया। इस दौरान LTM के माध्यम से प्रशिक्षुओं ने शिक्षा के सरलीकरण को प्रदर्शित भी किया।

कार्यक्रम समन्वयक रवि कुमार जोशी ने बताया कि यह प्रतियोगिता डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन द्वितीय सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें उत्तराखंड राज्य के आठ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के कुल 64 प्रशिक्षु प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिता में भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन एवं विज्ञान विषयों से संबंधित नवाचारी शिक्षण-अधिगम सामग्री प्रस्तुत की गई है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढाँचा तथा शिक्षक शिक्षा से जुड़ी विभिन्न समितियों की सिफारिशों के अनुरूप एक्टिविटी बेसड लर्निंग, एक्सपीरिएंस लर्निंग और चाइल्ड सेंट्रिक टीचिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों को कम लागत, व्यवहारिक, रोचक एवं कक्षा में तुरंत उपयोग योग्य शिक्षण सामग्री स्वयं तैयार करने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत सामग्री का मूल्यांकन निर्धारित शैक्षिक मापदंडों के आधार पर विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, जिसमें रचनात्मकता, विषय उपयुक्तता, बच्चों के लिए उपयोगिता, समावेशिता एवं बहुविषयक प्रयोग जैसे पहलुओं को विशेष महत्व दिया जाएगा।

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वही विधायक पार्वती दास ने कहा कि यह कार्यक्रम डीएलएड प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक, गतिविधि आधारित और नवाचारोन्मुख बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भावी शिक्षकों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर बच्चों की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वयं शिक्षण सामग्री का निर्माण करना सीखना चाहिए।
प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रही प्रशिक्षु शगुन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रशिक्षुओं में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और कक्षा-व्यवहार की समझ विकसित होती है, जो भविष्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने में सहायक होगी। वहीं प्रशिक्षु शुभम ने कहा कि इस प्रतियोगिता से उन्हें नवाचार के माध्यम से पढ़ाने की नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिला है, जिससे बच्चों को विषयवस्तु को सरल और रुचिकर तरीके से समझाने में मदद मिलेगी।
वही प्रशिक्षु अभिषेक ने बताया कि शिक्षण सामग्री स्वयं तैयार करने से विषय की गहरी समझ विकसित होती है और कक्षा में बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने इसे शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल बताया। प्रतियोगिता के माध्यम से राज्य में शिक्षक शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान डॉ रुचि पाठक, डॉ कुंदन रावत, संदीप जोशी, डॉ राजीव जोशी,पूजा लोहनी,दीपा जोशी,सुमित पांडे आदि मौजूद रहे।

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