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कौसानी ‘भूत मंदिर’ विवाद पर विराम, जांच में स्कूल का कोई संबंध नहीं

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कौसानी: राजकीय इंटर कॉलेज कौसानी में कथित ‘भूत मंदिर’ को लेकर उठे विवाद पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश्वरी मेहता की जांच में सामने आया है कि उक्त मंदिर का विद्यालय से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और पीटीए की धनराशि भी पूरी तरह सुरक्षित है। खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर मामले की गहन जांच की। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के अभिलेखों के साथ-साथ पीटीए के आय-व्यय से संबंधित बिलों का भी मिलान किया। जांच के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर का निर्माण स्थानीय लोगों द्वारा अपनी लोक आस्था के आधार पर किया गया है और यह विद्यालय परिसर के बाहर स्थित है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में चाहरदीवारी नहीं होने के कारण मंदिर तक जाने का रास्ता स्कूल परिसर से होकर गुजरता है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी। इसी कारण यह विवाद सामने आया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि मंदिर निर्माण के लिए पीटीए से केवल छह हजार रुपये की राशि दी गई थी, जबकि बाकी धनराशि पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं पाई गई।
विद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश छात्र-छात्राएं स्थानीय परिवारों से हैं, जिनकी इस मंदिर में आस्था जुड़ी हुई है। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जल्द ही विद्यालय की चाहरदीवारी का निर्माण कराया जाएगा और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि पूजा के नाम पर गंदगी फैलाने वालों की पहचान की जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि इस तरह की भ्रामक खबरों से विद्यालय की छवि प्रभावित होती है। साथ ही उन्होंने किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय गड़बड़ी से साफ इंकार किया है।

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