logo

स्टोर रूम में रातभर डेरा जमाए रहा गुलदार, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

खबर शेयर करें -

गवाटा गांव में कुत्ते को मारकर कमरे में ही बैठा रहा गुलदार, रेस्क्यू में देरी पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

बागेश्वर। थकलाड ग्राम पंचायत के गवाटा गांव में गुरुवार रात एक मकान के स्टोर रूम में घुसे गुलदार को वन विभाग की टीम ने आखिरकार रेस्क्यू कर लिया। गुलदार ने कमरे में बंद कुत्ते को मार डाला और रातभर वहीं डेरा जमाए रखा। घर के भीतर गुलदार की मौजूदगी से परिवार के लोग सहमे रहे। वहीं, सूचना देने के बावजूद रेस्क्यू टीम के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।

गवाटा निवासी मोहन सिंह रावत के मकान में गुरुवार रात करीब 10 बजे यह घटना हुई। बताया गया कि उनकी पत्नी विमला देवी अपने कुत्ते को बाहर शौच कराने के बाद वापस घर ले आईं। इस दौरान उन्हें पता नहीं चला कि स्टोर रूम में पहले से गुलदार मौजूद है। उन्होंने कुत्ते को कमरे में बंद कर दरवाजा बाहर से लगा दिया। इस तरह कमरे में कुत्ता और गुलदार दोनों बंद हो गए।
कुछ देर बाद कमरे से कुत्ते के भौंकने और गुलदार के गुर्राने की आवाजें आने लगीं। पास के कमरे में मौजूद विमला देवी और उनके पुत्र कवींद्र सिंह को अनहोनी की आशंका हुई। स्थिति का पता चलते ही परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने ग्रामीणों को सूचना दी। गनीमत रही कि स्टोर रूम का दरवाजा बंद होने के कारण गुलदार घर के अन्य हिस्सों में नहीं पहुंचा और परिवार के लोग सुरक्षित रहे। गुलदार ने कमरे में बंद कुत्ते को मार डाला।
क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीष कुमार ने बताया कि वन विभाग को घटना की सूचना रात में ही दे दी गई थी, लेकिन टीम सुबह करीब तीन बजे मौके पर पहुंची। इसके बाद सुबह छह बजे गुलदार को बेहोश कर पकड़ने के लिए दूसरी टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। रेस्क्यू में देरी होने से ग्रामीणों में नाराजगी रही। उनका कहना था कि घर के भीतर गुलदार की मौजूदगी के बीच परिवार और ग्रामीण रातभर दहशत में रहे।

यह भी पढ़ें 👉  खड़िया खदानों को खुलवाने के लिए समर्थन में उतरी कांग्रेस, खनन शुरू कराने की मांग

रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वन्यजीवों के आबादी में घुसने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि ऐसी परिस्थितियों में विभाग की टीम को समय पर पहुंचकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। आखिरकार वन विभाग की टीम ने गुलदार का रेस्क्यू कर लिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

यह भी पढ़ें 👉  आदिबद्री मंदिर में आग की घटना पर बोले ग्लेशियर बाबा, देवीकुंड में भव्य मंदिर बनाने की मांग

प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया था कि घटनास्थल पर टीम भेज दी गई थी। गुलदार को बेहोश कर पकड़ लिया गया है। उसकी उम्र 5 साल के आस पास है। अभी बैजनाथ रेंज में रखा गया है उसकी चिकित्सीय जाँच की जाएगी।

Share on whatsapp