बागेश्वर : भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की थर्ड बटालियन भखारा कैंप, बरेली में तैनात इंस्पेक्टर गोकुल सिंह 56 वर्ष का ड्यूटी के दौरान अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से दुखद निधन हो गया। इस हृदयविदारक समाचार से आईटीबीपी के अधिकारियों व जवानों के साथ-साथ उनके पैतृक क्षेत्र चौरा जनपद बागेश्वर में शोक की लहर दौड़ गई। आईटीबीपी अधिकारियों ने बताया कि ड्यूटी के दौरान इंस्पेक्टर गोकुल सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनका असामयिक निधन बल के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।इंस्पेक्टर गोकुल सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय मंगल सिंह धपोला के पौत्र तथा प्रताप सिंह के पुत्र थे। वे अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, अनुशासन और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के लिए बल में विशेष पहचान रखते थे। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ देश सेवा की। आईटीबीपी थर्ड बटालियन भखारा कैंप की टीम उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव चौरा लेकर पहुंची। इसके उपरांत पार्थिव शरीर को बागेश्वर स्थित सरयू–गोमती संगम पर अंतिम संस्कार हेतु लाया गया। जहां इंस्पेक्टर संजीव शर्मा के नेतृत्व में आईटीबीपी जवानों की टुकड़ी ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। इस दौरान अधिकारियों व जवानों ने नम आंखों से अपने सहकर्मी को श्रद्धांजलि अर्पित की।इंस्पेक्टर गोकुल सिंह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। उनके आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शोकाकुल परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके पैतृक गांव चौरा सहित पूरे बागेश्वर जनपद में शोक का वातावरण बना हुआ है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।









