बागेश्वर। कोतवाली क्षेत्र के फल्याटी गांव के मूल निवासी एवं हाल निवास पालनीकोट, 13 असम राइफल्स में तैनात हवलदार बहादुर सिंह बिष्ट का उपचार के दौरान दिल्ली में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। वे 58 वर्ष के थे और उनकी सेवानिवृत्ति में मात्र दो वर्ष शेष थे।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार हवलदार बहादुर सिंह बिष्ट पुत्र मोहन सिंह बिष्ट शनिवार को दिल्ली में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। देर शाम सेना के वाहन से उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया। रविवार को सरयू एवं गोमती नदी के संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई।
दिवंगत हवलदार अपने पीछे दो पुत्र छोड़ गए हैं। बड़ा पुत्र भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) गढ़वाल क्षेत्र में क्लर्क पद पर कार्यरत है, जबकि छोटा पुत्र बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। अंत्येष्टि के दौरान एसएसबी ग्वालदम से 11 जवानों की एक टीम सलामी के लिए पहुंची, जिसमें सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार शामिल रहे। जवानों ने शस्त्र झुकाकर वीर सैनिक को अंतिम सलामी दी। सैन्य टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिससे माहौल गमगीन हो गया। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि भास्कर दास, पूर्व सैनिक रमेश भंडारी सहित अनेक पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत सैनिक के अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। हवलदार बहादुर सिंह बिष्ट का निधन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।








