बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में पाँच दिवसीय थिएटर इन एजुकेशन (TIE) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रतिभागी शिक्षक अपनी तैयार की गई TIE योजनाओं को प्रस्तुत किया और प्रमाण–पत्र वितरित किए गए।
अंतिम दिवस के कार्यक्रम में जिले के 40 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल थे। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए विभिन्न पहलुओं—जैसे भूमिका-अभिनय, कहानी-कथा कला, आवाज़ और शरीर-भाषा का प्रभाव, कक्षा-आधारित नाट्य गतिविधियाँ और छोटे नाट्य-प्रस्तुति—का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
समापन सत्र के दौरान प्रशिक्षकों और समन्वयक रवि कुमार जोशी ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण केवल शिक्षक कौशल बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, संलग्नता और टीमवर्क को भी बढ़ावा देगा।
संदर्भदाता श्री डिंपल मेहता ने कहा कि थिएटर इन एजुकेशन बच्चों की संवेदनशीलता और भावनात्मक समझ को विकसित करता है। वहीं, सुश्री सिमरन नागपाल ने यह स्पष्ट किया कि थिएटर आधारित शिक्षण से कक्षा तनाव-मुक्त होती है और सीखना स्वाभाविक और आनंददायक बन जाता है।
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक दिन-प्रतिदिन:
थिएटर इन एजुकेशन की मूल तकनीकें समझते हुए सीखने का अनुभव प्राप्त करते रहे।
V.I.B.E.S. सूत्र—Voice, Imagination, Body Language, Environment और Sensory—के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के तरीके अपनाए।
कहानी-कथा, कविता और नाट्य-गतिविधियों से बच्चों में भाषा, साक्षरता और टीमवर्क कौशल विकसित करना सीखा।
समापन समारोह में डायट प्राचार्य चक्षुष्पति अवस्थी ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण नई शिक्षा नीति 2020 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित शिक्षक अब अपने विद्यालयों में बच्चों को अधिक सक्रिय, सहभागी और बाल-केंद्रित शिक्षण प्रदान करेंगे।
पाँच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने शिक्षक समुदाय को थिएटर आधारित शिक्षण की व्यावहारिक समझ देने के साथ-साथ कक्षा को और जीवंत, रोचक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार किया।
समापन सत्र के अवसर पर कार्यक्रम में डायट प्रवक्ता डॉ. भुवन पांडे, डॉ. दीपा जोशी, डॉ. संदीप कुमार जोशी, दीप्ति पांडे, दुर्गालाल वर्मा, गोपाल प्रसाद, सोनिया, रूपाक्षी, गीता, सुनील, अमर, सुरेश, मीनाक्षी, कुलदीप, मनोज और 23 डीएलएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे।








