रामगंगा नदी पर बना झूला पुल ध्वस्त, दो जिलों के ग्रामीणों का आवागमन ठप
अगस्त 2025 में पूरी तरह हुआ था क्षतिग्रस्त
कपकोट/कलापैर कापड़ी।
बागेश्वर जिले की कपकोट विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा कलापैर कापड़ी में रामगंगा नदी पर बना झूला पुल पूरी तरह ध्वस्त होने से दो जिलों के ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। करीब 110 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण वर्ष 2017-18 में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। यह पुल बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
पुल के जरिए बागेश्वर जिले के ग्रामीणों का संपर्क पिथौरागढ़ जिले के तेजम, नाचनी समेत आसपास के क्षेत्रों से बना हुआ था। लेकिन अगस्त 2025 में पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद से स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक इसके पुनर्निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा पुल की कुछ प्लेटें पहले ही खोलकर ले जाई गई हैं, जबकि पुल का एक तरफ का पूरा पिलर भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
पुल के टूटने से स्थानीय ग्रामीणों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह पुल क्षेत्र के लिए महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि दो जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी था।
ग्रामीणों ने पुल के लंबे समय से बंद पड़े रहने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय स्तर पर यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो समस्या का समाधान हो सकता था। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पुल का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण शुरू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुल आखिर कब बनेगा और बनेगा भी या नहीं? बरसात और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पुल के अभाव में ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।








