80 परिवारों की सुरक्षा पर नजर, क्षतिग्रस्त मार्ग और पेयजल व्यवस्था का लिया जा रहा जायजा
कपकोट। लखमारा गांव में लगातार हो रहे भू-धंसाव और पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने की घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। ग्रामीणों में दहशत को देखते हुए प्रशासन ने मौके की स्थिति का जायजा लेने और राहत-बचाव की तैयारियों का आकलन करने के लिए राजस्व उपनिरीक्षक समेत संबंधित टीमों को गांव भेज दिया है। प्रशासन की टीम भूस्खलन से हुए नुकसान और वर्तमान हालात का निरीक्षण कर रही है।
उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल ने बताया कि लखमारा में भूस्खलन और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही मामले का संज्ञान लिया गया। राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
भूस्खलन के कारण गांव को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग बाधित होने के साथ ही पेयजल लाइन और सिंचाई नहरों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन किया जा रहा है, ताकि प्रभावित व्यवस्थाओं को जल्द बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
वहीं, क्षेत्र में करीब 80 परिवारों के प्रभावित होने की जानकारी के बाद स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार भू-धंसाव को देखते हुए मौके पर मौजूद टीम से स्थिति की रिपोर्ट ली जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव की कार्रवाई किए जाने की तैयारी है।
इधर, स्थानीय विधायक सुरेश गढ़िया ने जिलाधिकारी से दूरभाष पर बात कर लखमारा की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को तत्काल सुचारू कराने और करीब 80 प्रभावित परिवारों तक आवश्यक संसाधन एवं राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि मौके की रिपोर्ट मिलने के बाद भूस्खलन से हुए नुकसान और खतरे का आकलन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।








