बागेश्वर। गणेश महोत्सव और नंदा महोत्सव का रविवार को डोला भ्रमण और विसर्जन के साथ विधिवत समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोले के साथ नगर भ्रमण में शामिल हुए। भजन-कीर्तन और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने डोले का स्वागत कर पुष्पवर्षा की।
गणेश महोत्सव के आयोजनकर्ता सुनील रस्तोगी ने कहा कि महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। उन्होंने कहा कि गणेश महोत्सव के माध्यम से लोगों को धार्मिक आस्था के साथ एकजुट होने का अवसर मिलता है। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का उन्होंने आभार जताया।
नंदा महोत्सव के आयोजनकर्ता नीरज उपाध्याय ने कहा कि नंदा महोत्सव उत्तराखंड की आस्था और लोक संस्कृति से गहराई से जुड़ा पर्व है। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारी परंपराओं और संस्कृति को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
डोला भ्रमण के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचे। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणेश और नंदा डोले का विसर्जन किया गया। इसके साथ ही कई दिनों से चल रहे दोनों महोत्सवों का समापन हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अगले वर्ष भी इसी उत्साह के साथ महोत्सव में भागीदारी की अपील की।







