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कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद हुए गजेन्द्र सिंह गढ़िया, गांव में शोक की लहर

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बागेश्वर। ग्राम पंचायत बिथ्थी (पाण्याती), 2 पैरा निवासी गजेन्द्र सिंह गढ़िया (पुत्र धन सिंह गढ़िया) कुपवाड़ा में हुई मुठभेड़ के दौरान देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। वे कमांडो सीएसएफ में तैनात थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

शहीद गजेन्द्र सिंह गढ़िया के परिवार में उनके पिता धन सिंह गढ़िया, माता चंदा गढ़िया, पत्नी लीला गढ़िया तथा दो पुत्र हैं। उनका बड़ा पुत्र राहुल गढ़िया है, जबकि छोटा पुत्र धीरज गढ़िया वर्तमान में कक्षा 4 में अध्ययनरत है और देहरादून में अपनी माता के साथ रहता है।

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शहीद के छोटे भाई किसन सिंह गढ़िया एंजल एकेडमी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। गजेन्द्र सिंह गढ़िया की शहादत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शहीद के आवास पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने शहीद की वीरता को नमन करते हुए कहा कि गजेन्द्र सिंह गढ़िया ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्षेत्रवासियों ने सरकार से शहीद परिवार को समुचित सहायता, सम्मान एवं सहयोग प्रदान करने की मांग की है। शहीद गजेन्द्र सिंह गढ़िया की शहादत ने पूरे क्षेत्र को गर्व और गहरे शोक से भर दिया है।

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