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पेयजल योजना की मरम्मत में बाधा डालने का आरोप, जल संस्थान ने दर्ज कराई एफआईआर

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10 हजार आबादी की पेयजल आपूर्ति प्रभावित, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप

बागेश्वर: भारी बारिश से क्षतिग्रस्त कठायतबाड़ा ग्राम समूह (जखेड़ा) पेयजल योजना की मरम्मत के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अब्दुल रशीद ने कोतवाली बागेश्वर में तहरीर देकर एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के अनुसार, छह जुलाई को हुई भारी बारिश के चलते हड़बाड़ क्षेत्र में भूस्खलन होने से पेयजल योजना की करीब 150 से 200 मीटर लंबी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस योजना से बागेश्वर नगर की करीब 10 हजार आबादी को पेयजल आपूर्ति की जाती है। जल संस्थान की टीम युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई थी। 10 जुलाई को जिलाधिकारी ने भी मौके का निरीक्षण कर उसी रात कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे।
जल संस्थान के मुताबिक, 10 जुलाई की रात करीब 11 बजे जब विभागीय टीम अंतिम पाइप जोड़ने का कार्य कर रही थी, तभी गोकुल परिहार दो अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने श्रमिकों के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। तहरीर में कहा गया है कि काफी समझाने के बावजूद आरोपी ने मरम्मत कार्य नहीं होने दिया और विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा श्रमिकों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस व्यवधान के कारण पाइपलाइन की वेल्डिंग समय पर पूरी नहीं हो सकी, जिससे पेयजल आपूर्ति बहाल होने में देरी हुई और नगर क्षेत्र में जल संकट की स्थिति पैदा हो गई। जल संस्थान का कहना है कि पेयजल आपूर्ति बाधित रहने से स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी देखने को मिली। अधिशासी अभियंता ने कोतवाली पुलिस से आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मामले की सूचना जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी भेज दी गई है। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।

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