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गुलदार प्रभावित इलाकों में वन विभाग की सख्ती, कैमरा ट्रैप व रात्रि गश्त तेज

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बागेश्वर। प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न के निर्देशन में बागेश्वर वन प्रभाग की टीम द्वारा मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यून एवं नियंत्रित करने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, उपकरण स्थापना एवं जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। गढ़खेत वन क्षेत्र के जिन्तोली अनुभाग की टीम ने ग्रामसभा नरग्वाड़ी में ग्राम प्रधान की उपस्थिति में जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए एनाइडर उपकरण स्थापित किया तथा ग्रामीणों को सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया गया।

वन क्षेत्राधिकारी के आदेशानुसार ग्रामसभा मवई एवं छटिया में मानव–वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर टीम द्वारा सायं एवं रात्रिकालीन गश्त के साथ जनसंपर्क कर ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी दी गई।

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गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
धरमघर वन क्षेत्र के गुलदार प्रभावित गांव बास्ती एवं सनगाड़ में लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों को गुलदार एवं भालू से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इसी क्रम में कपकोट वन क्षेत्र के नगर पंचायत ऐठाण में भी गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। बागेश्वर वन क्षेत्रान्तर्गत धूराफाट अनुभाग के ग्राम तरमोली में रात्रिकालीन गश्त की गई। वहीं छतीना अनुभाग के ग्राम छाती मनकोट में प्रातः एवं सायंकालीन गश्त कर ग्रामीणों से तेंदुए की गतिविधियों की जानकारी ली गई। ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र में किसी भी तेंदुए की गतिविधि से इनकार किया गया। इसके बाद लगाए गए कैमरा ट्रैप की जांच की गई, जिसमें कोई गतिविधि दर्ज नहीं पाई गई। छतीना अनुभाग के बोरगांव एवं अमसरकोट गांवों में गुलदार से बचाव हेतु लाउडस्पीकर के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इसके अतिरिक्त बागेश्वर वन क्षेत्र के बालीघाट गांव में गुलदार दिखने की सूचना मिलने पर रात्रि गश्त एवं जागरूकता अभियान चलाया गया।

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बैजनाथ वन क्षेत्र में भी अभियान
बैजनाथ रेंज स्टाफ द्वारा मानव–वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु लोबांज के बद्रीनाथ टोक में गश्त कर एनाइडर उपकरण की जांच की गई तथा अतिरिक्त स्थानों पर उपकरण लगाए गए। ग्राम फल्याटी में वन्यजीवों की सूचना मिलने पर गश्त कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई और हिंदी व स्थानीय भाषा में पोस्टर लगाए गए।

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ग्रामीणों की सहभागिता
ग्राम डॉक के ग्रामीणों ने भी मानव–वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए सराहनीय पहल करते हुए अपने गांव एवं वन पंचायत क्षेत्र में सामूहिक सहभागिता से झाड़ी कटान किया।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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