logo

मानव–वन्यजीव संघर्ष रोकथाम को लेकर वन विभाग सक्रिय, प्रभावित क्षेत्रों में गश्त व जनजागरूकता अभियान

खबर शेयर करें -

बागेश्वर : प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न के निर्देशन में बागेश्वर वन प्रभाग द्वारा मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम एवं नियंत्रित करने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, निगरानी एवं जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

इसी क्रम में बागेश्वर वन क्षेत्र के छतीना अनुभाग अंतर्गत ग्राम छाती मनकोट में वन विभाग की टीम द्वारा मानव–वन्यजीव संघर्ष रोकथाम हेतु क्षेत्र में गश्त की गई। ग्रामवासियों से बीते दिनों तेंदुए की गतिविधियों को लेकर जानकारी ली गई, जिस पर ग्रामीणों ने बीती रात किसी भी प्रकार की तेंदुए की गतिविधि न होने और स्थिति सामान्य होने की पुष्टि की। इसके बाद क्षेत्र में लगे कैमरा ट्रैप की जांच की गई, जिसमें भी तेंदुए की कोई गतिविधि दर्ज नहीं पाई गई।

यह भी पढ़ें 👉  टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और ओपीएस बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन

वहीं ग्राम बिजोरीझाल में गुलदार दिखाई देने की शिकायत मिलने पर वन विभाग की टीम द्वारा तत्काल गांव में पहुंचकर जनसंपर्क अभियान चलाया गया। ग्रामीणों को सतर्क रहने, समूह में आवाजाही करने और रात्रि समय सावधानी बरतने की अपील की गई। ग्राम बोहाला में आयोजित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के दौरान मानव–वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण को लेकर प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया गया।

गुलदार प्रभावित क्षेत्र चौगांव-छीना में रात्रि गश्त की गई तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से कुमाऊनी भाषा में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इसी क्रम में मझकोट अनुभाग अंतर्गत रा.ई.का मैगरी स्टेट एवं प्राथमिक विद्यालय चटियानी में मानव–वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। बच्चों को सिटियां एवं जागरूकता पोस्टर वितरित किए गए।

यह भी पढ़ें 👉  नगर व्यापार मंडल की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित,व्यापारी हित कोष बनाने का निर्णय

बैजनाथ रेंज स्टाफ द्वारा ग्राम लसखरखेत और कंधार में रात्रि गश्त की गई। वहीं जिन्तोली एवं लमचुला अनुभाग की टीमों ने ग्राम जखेड़ा और सलानी में घर-घर जाकर जनसंपर्क करते हुए ग्रामीणों को मानव–वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त गुलदार प्रभावित क्षेत्र सेरी, भंतोला एवं मजीगांव में लाउडस्पीकर के माध्यम से गुलदार एवं भालू से सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को सतर्क किया गया। कपकोट वन क्षेत्र अंतर्गत गैरखेत तोक मल्ला पातल में लगाए गए गुलदार पिंजरे की भी जांच की गई, जहां किसी भी प्रकार की गुलदार गतिविधि के साक्ष्य नहीं मिले। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों को लेकर किसी भी प्रकार की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें और स्वयं सतर्कता बरतें, ताकि मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।

Share on whatsapp