बागेश्वर, 29 जून। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में सोमवार से पांच दिवसीय बाल पत्रिका एवं दीवार पत्रिका निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में कुल 54 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य संदर्भदाता श्री उदय किरोला, संपादक, बाल प्रहरी (अल्मोड़ा) हैं, जबकि कार्यक्रम का समन्वय श्री रवि कुमार जोशी, प्रवक्ता एवं प्रभारी, सेवापूर्व प्रशिक्षण, डायट बागेश्वर द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य श्री चक्षुष्पति अवस्थी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाल पत्रिका और दीवार पत्रिका विद्यालयों में बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों में लेखन, पठन, सृजन, संपादन, प्रस्तुतीकरण तथा टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में भी विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति, कला-समेकित शिक्षा, बहुभाषिकता और अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष बल दिया गया है। ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में सृजनात्मकता और भाषा कौशल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम समन्वयक श्री रवि कुमार जोशी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल साहित्य सृजन, समाचार लेखन, कविता एवं कहानी लेखन, चित्रांकन, दीवार पत्रिका की रूपरेखा, संपादन, पृष्ठ सज्जा तथा प्रकाशन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे विद्यालयों में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रभावी मंच उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 की भावना के अनुरूप इस तरह की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, संप्रेषण कौशल और आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं।
मुख्य संदर्भदाता श्री उदय किरोला ने कहा कि बाल पत्रिका बच्चों के विचारों, कल्पनाशीलता और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को कविता, कहानी, संस्मरण, बाल समाचार, चित्रकला, दीवार पत्रिका निर्माण, संपादन, प्रूफ पठन, पृष्ठ विन्यास तथा प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागी स्वयं बाल पत्रिका और दीवार पत्रिका का निर्माण भी करेंगे।
उन्होंने बताया कि भारत के विभिन्न राज्यों में विद्यालय स्तर पर बाल पत्रिका एवं दीवार पत्रिका निर्माण की समृद्ध परंपरा रही है। उत्तराखंड, केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली तथा राजस्थान सहित अनेक राज्यों में समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण एवं रचनात्मक लेखन शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों में सृजनात्मक लेखन, भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना है। विश्व के अनेक देशों में भी स्कूल मैगज़ीन, स्टूडेंट जर्नल और वॉल मैगज़ीन के माध्यम से विद्यार्थियों को लेखन, संपादन और रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर दिए जाते हैं।
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर डॉ. बी. सी. पांडे, डॉ. दया सागर, श्री के. पी. चंदोला, श्रीमती पूजा लोहुमी, श्रीमती रुचि पाठक सहित संस्थान के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।








