बागेश्वर। पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में न्याय पंचायत खातीगांव के पंचायत भवन में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं पंचायत सदस्यों के लिए आयोजित पांच दिवसीय अभिमुखीकरण एवं क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण जनपद के अंतिम छोर पर स्थित कमस्यार घाटी की ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सशक्त और जागरूक बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कमस्यार घाटी की सात ग्राम पंचायतों—भंडारीगांव, चंतोला, नरगोली, ठांगा, कपूरी, टकनार-भैसुड़ी एवं पैंठाण के ग्राम प्रधान एवं वार्ड सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायत संचालन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन एवं जनहित से जुड़े दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पंचायतों की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, सामाजिक अंकेक्षण तथा शासन-प्रशासनिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर पांच वर्षीय कार्यकाल को प्रभावी ढंग से संचालित करने के विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कुंदन बोरा, हीरा देवी, चंद्र राम, गणेश राठौर, राजेश बनाई सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यशाला में भावना कार्की, नंदन रौतेला, रूपा बनाई, केदार भौर्याल, हरीश डसीला, गोविंद रौतेला, विमला डसीला समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन मास्टर ट्रेनर हेम पांडेय द्वारा किया गया, जिन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से योजनाओं के सही क्रियान्वयन एवं जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया समझाई। कार्यशाला के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों में प्रशासनिक समझ, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि वे अपने क्षेत्रों के समग्र विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।








