कौसानी / बागेश्वर। पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य करने वाले पर्यावरण प्रेमी एवं समाजसेवी डेविड हॉकिंस पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी पुत्री धरा दीपिका ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उन्हें मुखाग्नि दी। उनके निधन से पूरे जनपद में शोक की लहर फैल गई है और उन्हें जानने वाले लोग इसे समाज के लिए बड़ी क्षति मान रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह लगभग चार बजे 78 वर्षीय डेविड हॉकिंस का निधन हो गया था। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे लक्ष्मी आश्रम से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में आश्रम की बहनों, शिष्यों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और उन्हें कंधा देकर अंतिम विदाई दी।
अंतिम यात्रा सरयू-गोमती संगम घाट पहुंची, जहां हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनकी पुत्री धरा दीपिका ने पिता को मुखाग्नि दी। घाट पर मौजूद लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
इंग्लैंड में जन्मे डेविड हॉकिंस की शिक्षा-दीक्षा भी वहीं हुई, लेकिन उनका मन हिमालय और यहां की संस्कृति से गहराई से जुड़ गया था। वे पिछले लगभग 50 वर्षों से कौसानी स्थित लक्ष्मी आश्रम से जुड़े रहे और समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण विकास के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
उन्होंने स्थानीय महिला हंसी साह से विवाह किया था। उनकी एक पुत्री दीपिका हैं, जो वर्तमान में इंग्लैंड में रहती हैं। डेविड हॉकिंस ने अपना अधिकांश जीवन पहाड़ की प्रकृति, समाज और विशेष रूप से महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित किया। वे गांधीवादी विचारधारा से प्रभावित थे और सादगीपूर्ण जीवन जीते थे।
पर्यावरण संरक्षण, नदी बचाओ अभियानों और ग्रामीण समुदायों को जागरूक करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “डेविड भाई” के नाम से जानते थे। उनका सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व उन्हें क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय बनाता था। अंतिम यात्रा में धरा दीपिका, नीमा, रमेश मुमुक्ष, थ्रीश कपूर, नीमा बहन, शोभा बिष्ट, अर्चना बहुगुणा, आशा मेहरा, भुवनलाल साह, संजना बाली, रवीन शुक्ला, सुंदर भोरा, धीरज गोलवानी, रमेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में आश्रम के शिष्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डेविड हॉकिंस का जीवन पर्यावरण संरक्षण, सादगी और समाज सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण था। उनका योगदान हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा।








