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सड़क के अभाव में 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चार किमी पैदल उठाकर लाए ग्रामीण

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बागेश्वर। कपकोट तहसील अंतर्गत ग्राम झोपड़ा, पोस्ट ऑफिस फरसाली में सड़क सुविधा न होने के कारण एक बार फिर ग्रामीणों को भारी संकट का सामना करना पड़ा। गांव निवासी देबुली देवी (90 वर्ष), पत्नी खीम सिंह नेगी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन और ग्रामीण उन्हें करीब चार किलोमीटर पैदल कंधों पर उठाकर सड़क तक लाने को मजबूर हुए। बताया गया कि बुजुर्ग महिला की तबीयत अचानक गंभीर हो गई, लेकिन गांव तक न सड़क है और न ही वाहन पहुंचने की कोई व्यवस्था। ऐसे में बहू यमुना देवी पत्नी हयात सिंह, नाती हिमांशु, ससुर आन सिंह, हयात सिंह, गोपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह, पंकज सिंह, बहादुर सिंह, दरपान सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बुजुर्ग महिला को पैदल गोगीना पानी तक पहुंचाया। वहां से एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें पहले कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। कपकोट सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने महिला की हालत को देखते हुए उन्हें बागेश्वर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के बाद महिला को एचडीयू (HDU) वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

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इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार के विकास के दावों की पोल खोलती है। आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी झोपड़ा जैसे गांव सड़क और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। जब तक सड़क नहीं होगी, तब तक पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधा सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी कर रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि झोपड़ा गांव को तत्काल सड़क से जोड़ा जाए और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बुजुर्ग, महिला या बच्चे को इस तरह की पीड़ा न झेलनी पड़े। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग दोहराई है।

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