एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर आंदोलन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
बागेश्वर। गरुड़ तहसील के छटिया और स्याली ग्रामसभा के बीच बहने वाली घांचली नदी पर पैदल पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए पुल निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन और आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
छटिया के क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद जोशी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्रीय ग्रामीण करीब 30 वर्षों से घांचली नदी पर पैदल पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है।
बरसात में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार पुल नहीं होने से छटिया, स्याली, भिलकोट, घेटी, मनाखेत और मवाई समेत आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर समस्या गंभीर हो जाती है। इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और काश्तकारों को सबसे अधिक दिक्कत होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने पर बच्चों के लिए नदी पार करना जोखिम भरा हो जाता है। कई बार उन्हें वापस लौटना पड़ता है, जबकि वैकल्पिक मार्ग से जाने पर करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इस स्थान पर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
एक सप्ताह का दिया समय
ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एक सप्ताह के भीतर पुल निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन सहित आंदोलन किया जाएगा। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लेने की बात कही है।
ज्ञापन सौंपने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद जोशी, छटिया के ग्राम प्रधान, स्यालीस्टेट के ग्राम प्रधान चंदन सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल रहे।







