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बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण के गुर सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विकसित बहुआयामी शिक्षण सामग्री ‘जादुई पिटारा’ के प्रभावी उपयोग और कक्षा-कक्ष में इसके व्यावहारिक प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने जादुई पिटारा में शामिल शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), खेल-खिलौनों, फ्लैशकार्ड, पहेलियों और संवर्धित पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को अक्षर एवं संख्या ज्ञान सिखाने के रचनात्मक तरीके प्रस्तुत किए। समूह गतिविधियों के माध्यम से बताया गया कि किस तरह पारंपरिक शिक्षण पद्धति को रोचक, आनंददायी और गतिविधि आधारित बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम संयोजक एवं जिला अकादमिक समन्वयक डॉ. संदीप जोशी ने कहा कि जादुई पिटारा बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से बच्चे खेल-खेल में भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में शामिल 56 मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने विकासखंडों में जाकर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
प्रशिक्षणार्थी उमेश चंद्र जोशी ने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों को कठिन विषय भी सरलता से समझाए जा सकते हैं। जादुई पिटारा में उपलब्ध सामग्री शिक्षकों को पढ़ाने के नए और रोचक तरीके अपनाने में मददगार साबित होगी।
प्रशिक्षणार्थी उषा साह ने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षण की नई विधियों और बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों को विद्यालयों में लागू कर बच्चों के लिए पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, मोबाइल की बढ़ती लत, नशे से बचाव तथा शिक्षक आचरण संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षकों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार और नैतिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
कार्यक्रम में विभिन्न मॉड्यूल पर मास्टर ट्रेनर्स एवं संदर्भदाताओं ने प्रस्तुतियां दीं। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों से दक्ष बनाकर प्राथमिक शिक्षा की बुनियाद मजबूत करना और जनपद में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को गति देना है।







