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मुख्य वन संरक्षक सुशांत सिंह पटनायक ने जांची वन विभाग की जंगलों को आग से बचाने कीव्यवस्थाएं

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फायर सीजन में जंगलों को बचाना वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए सरकार ने हर जिले में नोडल अधिकारी तैनात किए हैं। बागेश्वर के लिए तैनात नोडल अधिकारी मुख्य वन संरक्षक सुशांत सिंह पटनायक बुधवार को जिले के भ्रमण पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से लेकर वन वॉचरों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता से जंगलों की आग को बचाया जा सकता है। सुबह सिंह पहले कौसानी पहुंचे। यहां से बैजनाथ, हरिद्वारछीना, कठायतबाड़ा क्रू स्टेशन पहुंचे। यहां निरीक्षण करने के बाद मास्टर कंट्रोल रूम छतीना का निरीक्षण। जौलकांडे में बने मॉडल क्रू सेंटर को भी देखा। भ्रमण के बाद उन्होंने वन विभाग के सभी अधिकारियों के साथ चिंतन मंथन सभागार में बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता से जंगलों की आग को बचाया जा सकेगा। इसके लिए उन्होंने डीएफओ को ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को जोड़ने तथा उनका एक ह्वाटएप ग्रुप बनाने को कहा। ग्रुप में जीतनी जल्दी आग लगने की सूचना मिलेगी उतनी जल्दी उस पर काबू पाया जाएगा। महिला मंगल दलों व नव युवक मंगल दलों को भी इसमें जोड़े। उन्होंने बागेश्वर वन प्रभाग की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। पटनायक ने भी माना की फायर सीजन को देखते हुए स्टाफ की काफी कमी है, लेकिन जितना भी स्टाफ है उनसे बेहतर से बेहतर कार्य लेने के निर्देश डीएफओ को दिए। इस दौरान डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया, एसडीओ सुनील कुमार, वन क्षेत्राधिकारी श्याम सिंह करायत और तनुजा परिहार आदि मौजूद रहे।

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