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बागेश्वर वन प्रभाग में वनाग्नि रोकथाम को लेकर अभियान तेज, विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता व सफाई अभियान संचालित

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बागेश्वर। प्रभागीय वनाधिकारी बागेश्वर आदित्य रत्न के निर्देशन में बागेश्वर वन प्रभाग की टीम द्वारा वनाग्नि नियंत्रण, रोकथाम तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न वन क्षेत्रों में लगातार जागरूकता एवं प्रबंधन संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डीएफओ आदित्य रत्न ने बताया कि बागेश्वर वन क्षेत्र में लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार ग्रामीणों को वनाग्नि रोकथाम एवं जागरूकता के लिए अपील की जा रही है। वहीं जोलकांडे क्षेत्र में लगी वनाग्नि पर वन विभाग की टीम ने समय रहते नियंत्रण पाया। इसके अतिरिक्त उत्तरी बिनसर क्षेत्र में पिरूल की सफाई कर आग की संभावनाओं को कम करने का कार्य किया गया।
धरमघर वन क्षेत्र में भी दयाली कुरोली में वनाग्नि रोकथाम एवं सुरक्षा के उद्देश्य से वनाग्नि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को जंगलों में आग से होने वाले नुकसान तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। वही बैजनाथ वन क्षेत्र के पाटली वन पंचायत में भी वनीकरण पिरूल सफाई अभियान चलाया गया। वहीं गढ़खेत वन क्षेत्र के कुलाऊ बीट में गश्त कर ग्रामीणों से वनाग्नि रोकथाम में सहयोग की अपील की गई तथा वृक्षारोपण क्षेत्र में पिरूल हटाने का कार्य भी किया गया।
इसके अलावा गलेशियर वन क्षेत्र के लीती में भी वनाग्नि नियंत्रण के उद्देश्य से कू-स्टेशन के आसपास व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया गया। प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए विभाग लगातार सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों में आग लगने की किसी भी घटना की तत्काल सूचना वन विभाग को दें तथा वन संरक्षण में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने बताया कि जनजागरूकता, पिरूल प्रबंधन, नियमित गश्त एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के प्रयास भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

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