मानसून में होने वाले अवकाश की भरपाई से पढ़ाई में निरंतरता और समय पर पाठ्यक्रम पूरा होने की उम्मीद
बागेश्वर। जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता को बेहतर बनाने के लिए पब्लिक स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को सुझाव पत्र दिया है। एसोसिएशन ने पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश का समय पुनर्निर्धारित कर इसे 15 जून के बाद किए जाने का प्रस्ताव रखा है।
एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान अतिवृष्टि, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के कारण कई बार विद्यालयों में अवकाश घोषित करना पड़ता है। ऐसे में यदि ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जून के बाद निर्धारित किया जाता है तो वर्षा ऋतु में होने वाले संभावित अतिरिक्त अवकाश की भरपाई की जा सकेगी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा कराया जा सकेगा।
एसोसिएशन ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि आपदा या प्रतिकूल मौसम के कारण विद्यार्थियों के लिए विद्यालय खोलना संभव न हो, लेकिन शिक्षकों के आवागमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल हों तो शिक्षकों को विद्यालय अथवा निर्धारित केंद्र पर बुलाया जा सकता है। इस दौरान ऑनलाइन शिक्षण, कार्यशाला, प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
पदाधिकारियों के अनुसार अधिकांश निजी विद्यालय शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाओं के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराते हैं। विद्यालय परिसर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित होने पर घरेलू असुविधाओं और तकनीकी व्यवधानों को कम किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
एसोसिएशन ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बदलाव किया जाना जरूरी है।
ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदन परिहार, सचिव हरीश पांडेय, घनानंद जोशी, गौरव पंत, जगदीश पाठक, कपिल सिंह और उमेश जोशी सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।








