बागेश्वर : असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों ने जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में विरोध दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हीरा बल्लभ चौबे ने कहा कि वर्तमान डीजी असम राइफल्स जानबूझकर एआरइडब्लूए के विरुद्ध गतिविधियां की जा रही हैं। पूर्व सैनिकों के हितों की अनदेखी हो रही है। संगठन का कहना है कि तीन अक्टूबर 2025 को एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह सचिव को लिखित शिकायत की जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि अगस्त 2024 में डीजी असम राइफल्स का पदभार संभालने के बाद जनरल लखेरा ने शुरू में एसोसिएशन से संवाद किया, लेकिन बाद में अचानक रुख बदलते हुए एसोसिशन खिलाफ एडवाइजरी जारी की गई। इसमें संगठन पर गलत तरीके से फोर्स विरोधी और सिस्टम विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया गया। कहा कि असम राइफल्स एक विशिष्ट बल है, जिसकी पहचान भारतीय सेना से जुड़ी हुई है, लेकिन समय-समय पर इसे सीएपीएफएस, की श्रेणी में लाने के प्रयास किए गए, जिससे बल की मूल पहचान और परंपराओं को नुकसान पहुंचा है। पूर्व सैनिकों को मिलने वाली ईएसएम सुविधाओं को लेकर कानूनी लड़ाइयों में बाधा डाली जा रही है और उनके मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। इस अवसर पर पूर्व सैनिक उपस्थित थे।








