बागेश्वर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कपकोट और गरुड़ ब्लॉक मुख्यालय से तहसील तक विशाल रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। “9 हजार में दम नहीं, 24 हजार से कम नहीं” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
तहसील परिसर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष कमला दानू ने कहा कि वे पिछले 14 दिनों से लगातार आंगनबाड़ी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी और सेवानिवृत्ति लाभ शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष नीमा जोशी ने बताया कि राज्य सरकार से 140 रुपये प्रतिदिन और केंद्र सरकार से 150 रुपये प्रतिदिन मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन इस पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। वहीं प्रदेश महामंत्री भावना टाकुली ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर लगातार काम का बोझ बढ़ता जा रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।








