गरुड़। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शनिवार को गरुड़ क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में एक निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि अन्य चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने से पहले मौके पर काफी देर तक हंगामा और विरोध प्रदर्शन होता रहा। अंततः प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सामान हटाने और स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दे दी।
जानकारी के अनुसार, गरुड़ क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ एक स्थानीय युवक द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान क्षेत्र में कुल 58 अतिक्रमण चिन्हित किए गए, जिनमें से पहले चरण में पांच गंभीर अतिक्रमणों को तत्काल हटाने के आदेश जारी किए गए थे। इन्हीं आदेशों के अनुपालन में तहसीलदार निशा रानी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम शनिवार सुबह गरुड़ पहुंची और चिन्हित अतिक्रमणों पर कार्रवाई शुरू की। पहले निर्माणाधीन मकान पर चला बुलडोजर । प्रशासन ने सबसे पहले प्रकाश सिंह (पुत्र मंगल सिंह) के अर्ध-निर्मित भवन पर बुलडोजर चलाते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
दूसरे मकान पर कार्रवाई के दौरान हुआ हंगामा
जैसे ही प्रशासनिक टीम कुंवर सिंह थायत के मकान की ओर बढ़ी, मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। विरोध जताते हुए कुंवर सिंह थायत अपने मकान की छत पर चढ़ गए और भावुक होकर प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया। देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीण और कई राजनीतिक प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। करीब एक घंटे तक चले विरोध, नारेबाजी और हंगामे के बाद माहौल तनावपूर्ण बना रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर कुछ समय देने की मांग की, ताकि लोग अपना सामान सुरक्षित स्थान पर हटा सकें।
प्रशासन ने दिया सात दिन का समय
स्थिति को देखते हुए तहसीलदार निशा रानी ने प्रभावित परिवारों को एक सप्ताह (7 दिन) का समय देने का निर्णय लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस अवधि के भीतर लोग स्वयं अपना सामान और अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा तय समय सीमा पूरी होने के बाद दोबारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ने बताया कि प्रभावित लोगों को वर्ष 2019 में ही बेदखली नोटिस जारी कर दिए गए थे, बावजूद इसके अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल मानवीय आधार पर मोहलत दी गई है, लेकिन अदालत के आदेशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रकाश सिंह, तारा सिंह रावत, शिव सिंह, बचे सिंह तथा कुंवर सिंह थायत समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।








