कपकोट (बागेश्वर)। बागेश्वर जनपद के कपकोट स्थित ऐतिहासिक केदारेश्वर मैदान में आयोजित राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता इन दिनों रोमांच, उत्साह और साहस का केंद्र बनी हुई है। देशभर से पहुंचे अनुभवी पैराग्लाइडर पायलटों एवं भारतीय सेना के प्रशिक्षित पायलटों की सहभागिता से यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बना रही है। इस प्रतियोगिता में पिथौड़ागढ़ के 60 वर्षीय अनुभवी पायलट भुवन चंद्र पनेरू की भागीदारी सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से लगातार पैराग्लाइडिंग कर रहे हैं और अब तक दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं। भुवन चंद्र पनेरू ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे अनुभव में अब तक इतनी बड़ी संख्या में पायलटों की भागीदारी किसी भी प्रतियोगिता में नहीं देखी। आमतौर पर अन्य आयोजनों में 40 से 45 पायलट ही हिस्सा लेते हैं, लेकिन कपकोट में आयोजित इस प्रतियोगिता में 92 पायलटों की उपस्थिति ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं, प्राकृतिक वातावरण और अनुकूल हवा की सराहना करते हुए कहा कि कपकोट की भौगोलिक परिस्थितियां पैराग्लाइडिंग के लिए बेहद उपयुक्त हैं। यहां उड़ान भरना रोमांचक होने के साथ-साथ तकनीकी दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण है, जो पायलटों के कौशल को निखारने में सहायक है। भुवन चंद्र पनेरू ने जिला प्रशासन और आयोजन संस्था फ्लाई हिमालया एडवेंचर की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था द्वारा प्रतियोगिता का संचालन बेहद व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से किया जा रहा है। सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और चिकित्सा व्यवस्था सराहनीय है। प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे भारतीय सेना के प्रशिक्षित पायलटों एवं देश के विभिन्न राज्यों से आए अनुभवी पायलटों ने भी आयोजन की प्रशंसा की और कपकोट को भविष्य का प्रमुख पैराग्लाइडिंग केंद्र बताया। स्थानीय लोगों और पर्यटन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से बागेश्वर जनपद के पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और युवाओं को साहसिक खेलों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। पनेरू ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कपकोट देश के प्रमुख पैराग्लाइडिंग हब के रूप में उभरेगा और यहां नियमित रूप से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।








