बागेश्वर। समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में 5 दिवसीय अबेकस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पहले दिन जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागी प्रशिक्षण हॉल में एकत्रित हुए, जहां कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षाविदों और मास्टर ट्रेनरों की उपस्थिति में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. बी. डी. पाण्डे ने अबेकस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह विधि बच्चों के दिमाग को तेज और एकाग्र बनाने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि अबेकस के माध्यम से गणितीय प्रश्नों को सरलता से हल किया जा सकता है और विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि भी बढ़ती है।
इसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. के. एस. रावत ने अबेकस की बारीकियों, बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) में इसके महत्व तथा नई शिक्षा नीति के तहत गणित को सरल और रोचक बनाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के. एस. मेहता, जोशी सर और पायल मैम ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को अबेकस के प्रयोगात्मक पहलुओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षु शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की गई और उन्हें एक-एक अबेकस, पेन, डायरी तथा अन्य आवश्यक स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई।
डॉ. पाण्डे ने प्रतिभागियों को अबेकस के मुख्य भागों—बाहरी फ्रेम, डिवाइडर बार, रॉड, ऊपरी मोती (Upper Beads) और निचले मोती (Lower Beads)—के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने उंगलियों के सही प्रयोग और इकाई, दहाई, सैकड़ा, हजार तथा लाख स्थानों की गणना की प्रक्रिया समझाई।
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनरों ने शिक्षकों को इकाई स्थान पर जोड़ के अभ्यास कराए और विजुअल माध्यम से भी समझाया, जिससे प्रतिभागियों में काफी उत्साह देखने को मिला। इकाई स्थान पर अच्छी समझ विकसित होने के बाद भोजनावकाश हुआ, जिसके पश्चात दहाई स्थान से संबंधित प्रशिक्षण और अभ्यास कराया गया।
दिन के अंत में डॉ. बी. डी. पाण्डे ने एक प्रेरक कहानी के माध्यम से कार्यक्रम का समापन किया। उन्होंने बताया कि अबेकस के अभ्यास से बच्चों की मानसिक क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होती है तथा दिमागी कोशिकाएं अधिक सक्रिय रहती हैं। अंत में चाय के साथ पहले दिन का प्रशिक्षण सत्र समाप्त हुआ।








