बागेश्वर। जिला कार्यालय में भैरू चौबट्टा के पट्टाधारकों और ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन और खनन विभाग की कथित अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन को और उग्र करते हुए 24 घंटे का आमरण अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन लिखित रूप में जांच और कार्रवाई का जवाब नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पट्टाधारक नवीन कुमार, अधिवक्ता वसंत कुमार और रितु बसंत के नेतृत्व में चल रहे धरना-प्रदर्शन के तहत शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू किया गया। अनशन पर कमल सिंह हरड़िया और जिला महामंत्री प्रमोद कुमार बैठे हैं।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण और पट्टाधारक लंबे समय से अपनी समस्याओं को प्रशासन और खनन विभाग के सामने रख रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक प्रशासन उनकी शिकायतों की जांच और उस पर की गई कार्रवाई का लिखित जवाब नहीं देता, तब तक धरना और आमरण अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा।
आंदोलन को भगवत कुमार, ग्रामवासी दया प्रकाश, कपिल कुमार, उमेश चंद्र, राज कुमार, दिनेश कुमार, भूपेंद्र आर्या और सुरेश चंद्र सहित कई ग्रामीणों ने समर्थन दिया है।
फिलहाल भैरू चौबट्टा में आंदोलन तेज होने से प्रशासन के सामने ग्रामीणों की मांगों का समाधान करने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।







