बागेश्वर। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में मोटर वाहन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को वाहन संचालन के साथ ही मोटर वाहन से जुड़ी तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा अपने लिए रोजगार के अवसर तलाशने के साथ ही स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा सकें।
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे इस 31 दिवसीय मोटर वाहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 से अधिक युवा प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मोटर वाहन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षणार्थियों को वाहन चलाने के साथ ही वाहन के रखरखाव, सामान्य तकनीकी समस्याओं की पहचान और उनके समाधान सहित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के फैकल्टी चंदन भाकुनी ने बताया कि वर्तमान समय में मोटर वाहन क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में युवाओं को इस क्षेत्र से जुड़ा प्रशिक्षण उपलब्ध कराना उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को ऐसी जानकारी दी जा रही है, जिसका उपयोग वे आगे रोजगार प्राप्त करने अथवा स्वयं का काम शुरू करने में कर सकते हैं।
प्रशिक्षण में शामिल युवा भी इसे अपने भविष्य के लिए उपयोगी मान रहे हैं। प्रशिक्षणार्थी अजय कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मोटर वाहन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सीखने को मिल रही हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनका प्रयास खुद का रोजगार शुरू करने का रहेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने में मददगार साबित हो सकते हैं।
वहीं प्रशिक्षणार्थी बलवंत सिंह कोरंगा ने प्रशिक्षण को बेहतर बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें काफी कुछ नया सीखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में दी जा रही व्यावहारिक जानकारी भविष्य में रोजगार के क्षेत्र में उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इससे युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के लिए वाहन क्षेत्र में रोजगार तलाशने के साथ ही स्वयं का कार्य शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।







