बागेश्वर। वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण न्यास, जनपद-बागेश्वर ने उत्तराखंड में औद्योगिक भांग की खेती को प्रोत्साहित करने और पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को इसके लिए लाइसेंस जारी करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। न्यास का कहना है कि औद्योगिक भांग की खेती राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड सरकार ने इंडस्ट्रियल हेम्प की खेती को वैध बनाने के लिए शासनादेश जारी किया था। इसके तहत टीएचसी की मात्रा 0.3 प्रतिशत से कम वाली भांग की खेती को अनुमति प्रदान की गई थी, लेकिन पर्याप्त जागरूकता और प्रचार-प्रसार के अभाव में यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के किसान इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह गए।
न्यास ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पारित एनडीपीएस एक्ट में भांग के बीज और पत्तियों को अलग रखा गया है तथा केवल भांग के फूल और राल को अवैध श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में औद्योगिक भांग की खेती को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने और किसानों को इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया गया कि टीएचसी की मात्रा 0.3 प्रतिशत से कम वाली औद्योगिक भांग में कोई नशीला प्रभाव नहीं होता, बल्कि इसका उपयोग कपड़ा, कागज, बायोप्लास्टिक, रस्सी, तेल, बीज, औषधीय उत्पाद और कई अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। यदि राज्य में इसकी खेती को बढ़ावा दिया जाए तो पर्वतीय क्षेत्रों में लघु एवं कुटीर उद्योग स्थापित होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। न्यास ने यह भी कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बंदरों और जंगली जानवरों के कारण पारंपरिक खेती लगातार प्रभावित हो रही है। ऐसे में औद्योगिक भांग किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकती है, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आपदा में अवसर’ के मंत्र को साकार करने में भी यह पहल सहायक साबित हो सकती है।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि जिन क्षेत्रों में औद्योगिक भांग की खेती की जाए, वहां जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जाए, ताकि खेती पूरी तरह पारदर्शी और नियंत्रित ढंग से संचालित हो सके। न्यास का कहना है कि वर्तमान में रोजगार के अभाव में प्रदेश का युवा वर्ग नशे और पलायन की ओर बढ़ रहा है। यदि औद्योगिक भांग की खेती को बढ़ावा दिया जाता है तो यह युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक बड़ा माध्यम बन सकता है।
ज्ञापन सौंपने वालों में न्यास के अध्यक्ष दलीप सिंह खेतवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंद्र सिंह परिहार, महासचिव बाला दत्त तिवारी, सह सचिव चरण सिंह बघरी तथा मीडिया सलाहकार हरीश सोनी शामिल रहे।








