देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट बैठक सम्पन्न, 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर
देहरादून में बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। शुरुआत में कैबिनेट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवकार भट्ट के निधन पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
1. अभियोजन विभाग के नए ढांचे को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड अभियोजन विभाग के पुनर्गठन पर मुहर लगा दी है।
विभाग में कुल 86 नए पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस बदलाव से विभाग की कार्यक्षमता और मामलों के निस्तारण की गति में सुधार आने की उम्मीद है।
2. विधानसभा पटल पर ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट रखने को हरी झंडी
ऊर्जा विभाग की प्रतिवेदन रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखने की मंजूरी दी गई। यह रिपोर्ट राज्य की ऊर्जा नीतियों, परियोजनाओं और वित्तीय स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करेगी।
3. कार्यरत महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति
राज्य सरकार ने श्रम विभाग में कार्यरत महिलाओं के लिए बड़ा निर्णय लिया है।
अब महिलाएँ रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी।
इसके लिए उन्हें लिखित सहमति देनी होगी।
विभागों और संस्थानों को सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिवहन की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
4. शिक्षा विभाग के दो प्रस्ताव हुए खारिज
कैबिनेट ने शिक्षा विभाग से आए दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया है।
दोनों प्रस्तावों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।
संशोधन के बाद इन्हें दोबारा कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।
5. देहरादून में मेट्रो निओ प्रोजेक्ट को मंजूरी
राजधानी देहरादून की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने मेट्रो निओ प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी।
यह परियोजना शहर में सुगम, किफ़ायती और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करेगी।
मेट्रो निओ अपेक्षाकृत सस्ती और तेज़ी से निर्माण योग्य तकनीक पर आधारित है।
6. मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए राहत
राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए कैबिनेट ने पीड़ित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राहत उपायों को मंजूरी दी।
संघर्ष में मृतक के परिजनों को अब 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर कैबिनेट ने मुहर लगाई।
संघर्ष में घायल व्यक्तियों के उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय राज्य प्रशासन, महिलाओं की कार्य स्थितियों, शहर के परिवहन, तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे कई अहम क्षेत्रों पर सीधा प्रभाव डालेंगे। अगले सत्र में इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जाएगा और लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।








