बागेश्वर : समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। जिसमें वज़्यूला क्षेत्र के 40 छात्र-छात्राओं का शैक्षिक भ्रमण वोट्स इंस्टीट्यूट बागेश्वर में कराया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। शैक्षिक भ्रमण के दौरान बच्चों में सीखने की ललक और जिज्ञासा स्पष्ट रूप से देखने को मिली। बच्चों को एआई तकनीक की बुनियादी समझ से लेकर उसके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को यह समझाया गया कि एआई किस प्रकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजमर्रा के जीवन में उपयोगी साबित हो रही है। इसके साथ ही कोडिंग, डेटा प्रोसेसिंग और स्मार्ट एप्लीकेशन से जुड़ी जानकारियां भी सरल भाषा में दी गईं, जिससे बच्चों में तकनीकी विषयों के प्रति उत्साह देखने को मिला। वज्यूला के आईटी प्रशिक्षक उत्सव मेहता ने बताया कि यह शैक्षिक भ्रमण बच्चों की एआई से जुड़ी समझ को बेहतर करने के लिए बेहद जरूरी था। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी नई तकनीक से परिचित कराना समय की मांग है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। वहीं वोट्स इंस्टीट्यूट के ट्रेनर पवन मेहता ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हर क्षेत्र में आवश्यक होने वाली है। यदि बच्चों को अभी से इसकी जानकारी दी जाए, तो वे तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकेंगे।
भ्रमण में शामिल छात्र-छात्राओं ने कहा कि यहां हमें एआई, कोडिंग और नई तकनीकों की बेहतर जानकारी दी गई। इससे हमें आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर नई दिशा मिली है। शैक्षिक भ्रमण के दौरान बच्चों में सीखने की ललक और जिज्ञासा स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने इस प्रकार के तकनीकी भ्रमणों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं भी डिजिटल युग में पीछे न रहे। इस दौरान शिक्षक राजेश्वरी कार्की भी मौजूद रही।








