बागेश्वर: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। कठायतबाड़ा निवासी अशोक खेतवाल का ढाई वर्षीय बेटे ने अचानक गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचा, जब उसने खेल-खेल में गलती से तारपीन का तेल पी लिया। बच्चे की हालत बिगड़ते ही परिजन उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लाए। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति नाजुक देखते हुए अल्मोड़ा हायर सेंटर रेफ़र कर दिया। डॉ. भूपेंद्र घाटियाल ने बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है और उसे विशेषज्ञ निगरानी में रखना जरूरी है। लेकिन इस दौरान एक बार फिर 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाली सामने आई। रेफ़रल के बावजूद अस्पताल परिसर में 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। मजबूरन जिला प्रशासन को रेडक्रॉस सोसाइटी की एंबुलेंस बुलानी पड़ी, जिसके सहयोग से बच्चे को सुरक्षित अल्मोड़ा भेजा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवा लंबे समय से अव्यवस्थित है और मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में रेडक्रॉस सोसाइटी एक जीवनरक्षक की तरह बार-बार आगे आकर मरीजों की मदद कर रही है। लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग 108 सेवा की जिम्मेदारी तय करे, ताकि गंभीर परिस्थितियों में मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो। वहीं रेडक्रॉस लगातार मानवीय पीड़ा को कम करने काम कर रही है। रेडक्रॉस सोसायटी ना होती तो ना जाने कितनो की जान पर आ पड़ती।








