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डीएमएफ फंड की जांच को लेकर बसंत कुमार ने खान विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

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बागेश्वर। डीएमएफ फंड में कथित 28 करोड़ रुपये की अनियमितता की जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे पूर्व कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी बसंत कुमार ने प्रेस वार्ता कर खान विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धरने के पहले ही दिन उनके आंदोलन को कमजोर करने और प्रभावित करने का प्रयास किया गया। बसंत कुमार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक डीएमएफ फंड में हुई कथित अनियमितताओं की जांच नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

बसंत कुमार ने आरोप लगाया कि खान अधिकारी नाजिया हसन उनके गांव के एक परिवार को आंदोलन के विरोध में खड़ा करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि खान अधिकारी करीब एक घंटे तक सड़क पर संबंधित परिवार के लोगों के साथ बातचीत करती नजर आईं। बसंत कुमार ने इसे उनके आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।

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उन्होंने कहा कि यदि खान विभाग की ओर से किसी परिवार को आंदोलन के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की कि संबंधित परिवार के साथ खान अधिकारी की बातचीत का उद्देश्य क्या था।

बसंत कुमार ने राज्य दर्जा मंत्री शिव सिंह बिष्ट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एक ग्रामीण के मकान को खनन क्षेत्र से महज आठ मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है, जबकि मौके पर वास्तविक दूरी 40 मीटर से अधिक है। उन्होंने इस मामले में भी खान विभाग की भूमिका की जांच किए जाने की मांग की।

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पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी ने कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया का आभार जताते हुए कहा कि विधायक ने डीएमएफ फंड के सही उपयोग की बात कही है। उन्होंने बताया कि विधायक ने खान अधिकारी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराकर मामले की स्थिति स्पष्ट करने और धरना समाप्त करवाने को कहा है। बसंत कुमार ने दावा किया कि जिस परिवार को खड़िया खनन से प्रभावित बताया जा रहा है, वह वास्तव में खनन प्रभावित परिवार नहीं है।

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उन्होंने कहा कि डीएमएफ फंड में कथित अनियमितताओं और करीब 28 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और जनता को यह पता चल सकेगा कि डीएमएफ फंड का उपयोग नियमों के अनुरूप हुआ है या नहीं।

बसंत कुमार ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने और डीएमएफ फंड में कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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