बागेश्वर। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित तौर पर शुद्धिकरण किए जाने का मामला एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने इस प्रकरण को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए हैं।
प्रदीप टम्टा ने कहा कि घटना के बाद राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद आज तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसी राजनीतिक दल या नेता से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता से जुड़ा गंभीर विषय है।
टम्टा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे वरिष्ठ विपक्षी नेता की जनसभा के बाद कथित रूप से शुद्धिकरण किए जाने की घटना सामने आना गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि जब देश के एक वरिष्ठ विपक्षी नेता के साथ इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम नागरिकों और विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ किस तरह का व्यवहार होता होगा, यह विचार करने का विषय है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय मामले में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर स्पष्ट संदेश जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे के लिए रही है और इसे किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाना चाहिए।








