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11 वें दिन शिक्षक ने स्थगित किया सत्याग्रह, आश्वासन पर माने 21 वर्षों से 350 किमी दूर सीमांत विद्यालय में दे रहे सेवा

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पत्नी के इलाज के लिए गृह क्षेत्र में स्थानांतरण की मांग
सीईओ और पूर्व कैबिनेट मंत्री ने पहुंचकर कराया शिक्षा मंत्री से वर्चुअल संवाद, चिकित्सा प्रमाणपत्र के साथ फिर आवेदन करने को कहा

कांडा। संवाददाता।
राजकीय इंटर कॉलेज भंतोला के प्रभारी प्रधानाचार्य एवं सहायक अध्यापक धर्म सिंह ने 11 दिन बाद अपना सत्याग्रह स्थगित कर दिया। सोमवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा राम चौधरी और पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल धरना स्थल पर पहुंचे। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने शिक्षक की शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से वर्चुअल वार्ता कराई। अधिकारियों और शिक्षा मंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद शिक्षक ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।
धर्म सिंह पिछले 21 वर्षों से अपने गृह क्षेत्र से करीब 350 किमी दूर सीमांत क्षेत्र के राइका भंतोला में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी लंबे समय से रीढ़ की हड्डी की बीमारी से परेशान हैं। उनकी देखभाल के लिए वह गृह क्षेत्र में स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वर्ष 2018 से लगातार आवेदन और प्रत्यावेदन किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानांतरण नहीं होने पर उन्होंने सत्याग्रह का रास्ता अपनाया।
शिक्षक पिछले 11 दिनों से विद्यालय में नियमित रूप से अध्यापन कार्य करने के बाद दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक विद्यालय के बाहर मौन व्रत पर बैठ रहे थे। उनका कहना था कि वह विद्यार्थियों के शिक्षण कार्य को प्रभावित किए बिना अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
चिकित्सा प्रमाणपत्र के साथ फिर करना होगा आवेदन
मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा राम चौधरी ने बताया कि शिक्षक को चिकित्सा बोर्ड से पत्नी का चिकित्सा प्रमाणपत्र बनवाकर उसके साथ पुनः स्थानांतरण के लिए आवेदन करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक किए गए आवेदन और प्रत्यावेदन में चिकित्सा प्रमाणपत्र संलग्न नहीं था, जिसके चलते प्रकरण निर्धारित मानकों में नहीं आ रहा था। यदि चिकित्सा प्रमाणपत्र के साथ आवेदन मानकों के अनुरूप पाया जाता है तो धारा 27 के तहत स्थानांतरण की प्रक्रिया को आगे भेजा जाएगा तब संभव हो सकता है।
‘आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो फिर आंदोलन करूंगा’
प्रभारी प्रधानाचार्य धर्म सिंह ने कहा कि 11वें दिन जिले के शिक्षा विभाग के मुखिया मुख्य शिक्षा अधिकारी और शिक्षा मंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल धरना स्थल पर पहुंचे। दोनों स्तरों से उन्हें आश्वासन मिला है। अब वह पत्नी का चिकित्सा प्रमाणपत्र बनवाकर दोबारा आवेदन करेंगे। यदि इसके बाद भी उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुनः आंदोलन शुरू करेंगे। फिलहाल 11 दिन से चल रहा सत्याग्रह स्थगित कर दिया गया है।

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