बागेश्वर।
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा जिलाधिकारी से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में “नशा मुक्त उत्तराखंड” एवं स्प्यूरियस व अधोमानक दवाओं की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत औषधि निरीक्षक बागेश्वर पूजा रानी द्वारा बागेश्वर क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोरों में वैध लाइसेंस की उपलब्धता, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में औषधियों के क्रय-विक्रय, तथा सीसीटीवी कैमरों एवं उनकी रिकॉर्डिंग की जांच की गई। इसके साथ ही एक्सपायरी दवाओं के पृथक और सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था को भी सुनिश्चित किया गया।
औषधि निरीक्षक द्वारा मनःप्रभावी औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित बिलों, तथा नारकोटिक औषधियों को केवल चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही दिए जाने की भी गहन जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान तीन मेडिकल स्टोरों में कुछ अनियमितताएं पाई गईं तथा लाइसेंस की शर्तों के पूर्ण अनुपालन न होने पर संबंधित फर्मों से 07 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने की स्थिति में औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के अंतर्गत संबंधित फर्मों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त चार औषधियों के नमूने लेकर उन्हें राज्य विश्लेषणशाला जांच हेतु भेजा गया है।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने बताया कि NSQ (Not of Standard Quality) एवं स्प्यूरियस दवाओं की रोकथाम ही औषधि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की दवाएं न केवल मरीजों के शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि दवाओं के प्रति आमजन का भरोसा भी कमजोर करती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित में इस प्रकार की निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।








