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बागेश्वर नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं और उपचार सेवाओं की हुई गहन जांच

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बागेश्वर। जनपद में नशे की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण और नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बागेश्वर स्थित नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं, उपचार सेवाओं और औषधियों के रखरखाव की विस्तृत जांच की गई।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना और यह सुनिश्चित करना था कि नशे से जूझ रहे लोगों को बेहतर उपचार और परामर्श सेवाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान केंद्र में मौजूद स्टाफ से विस्तृत बातचीत की गई। केंद्र प्रबंधन ने बताया कि बागेश्वर में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना अप्रैल 2025 में हुई थी। स्थापना के बाद से अब तक 167 नशे के आदी लोगों को केंद्र में भर्ती किया गया, जिनमें से 157 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर वापस जा चुके हैं, जबकि 10 मरीज वर्तमान में उपचाराधीन हैं।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने निरीक्षण के दौरान केंद्र में रखी औषधियों के रखरखाव, क्रय बिलों और औषधि रजिस्टरों की प्रविष्टियों का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी औषधियां सुरक्षित तरीके से रखी गई हैं और निर्धारित मानकों के अनुरूप उनका उपयोग किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्र के स्टाफ और मौजूद लोगों को नशा मुक्ति के महत्व और जागरूकता के बारे में भी जानकारी दी। इसके बाद निरीक्षण टीम ने केंद्र में उपचार ले रहे मरीजों से व्यक्तिगत बातचीत की। मरीजों से उनके अनुभव, समस्याओं और केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया गया। मरीजों से प्राप्त सुझावों के आधार पर केंद्र की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए गए। केंद्र के इंचार्ज राजेंद्र बिष्ट ने बताया कि नशे के शिकार लोगों को न केवल चिकित्सीय उपचार दिया जाता है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इस दौरान उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह गर्ब्याल,जय कुमार,भूपेंद्र देव आदि मौजूद रहे।

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