बागेश्वर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिलाध्यक्ष एवं बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ चुके ओमप्रकाश टम्टा का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा दुख व्याप्त है।
ओमप्रकाश टम्टा लंबे समय से बसपा से जुड़े रहे और संगठन को जनपद में मजबूत करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे जमीनी राजनीति से जुड़े नेता माने जाते थे और आमजन की समस्याओं को लेकर हमेशा सक्रिय रहते थे। बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव मैदान में उतरकर उन्होंने अपनी स्पष्ट वैचारिक प्रतिबद्धता और संघर्षशील राजनीति का परिचय दिया। उनके आकस्मिक निधन को जिले की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। ओमप्रकाश टम्टा की पहचान एक सरल, मिलनसार और कर्मठ नेता के रूप में थी। वे दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए जाने जाते थे और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर हमेशा मुखर रहते थे। निधन की खबर फैलते ही बसपा कार्यकर्ताओं ने शोक सभाएं आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और इसे जनपद के लिए बड़ी क्षति बताया है। परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेताओं ने कहा कि ओमप्रकाश टम्टा का जाना केवल एक राजनीतिक नेता का नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी का जाना है। उनके योगदान और संघर्ष को बागेश्वर की जनता लंबे समय तक याद रखेगी। उनका अंतिम संस्कार पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार सरयू गोमती संगम पर किया गया।








