बागेश्वर।
पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर, बागेश्वर (सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा) के छात्रसंघ अध्यक्ष सागर जोशी ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को बताया है। सागर जोशी का कहना है कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान नहीं हो रहा।
सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में सागर जोशी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति देखकर उनका मन बेहद दुखी है। उनका मानना है कि आज छात्रों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और उनकी समस्याओं पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने छात्रों के हित में कई मुद्दे उठाए और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष किया। इस दौरान उन्हें कई बार कैंपस प्रशासन की ओर से कठिन परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने छात्र हितों से कभी समझौता नहीं किया।
सागर जोशी ने कहा कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए छात्र प्रतिनिधि को छात्रों के हित में प्रभावी ढंग से कार्य करने का अवसर ही नहीं मिले, तो ऐसे पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसी भावना के साथ उन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपने संदेश में देशभर के युवाओं से शिक्षा, अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए जागरूक रहने तथा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी की अपनी एक लड़ाई होती है और उनकी लड़ाई बेहतर शिक्षा, न्याय तथा छात्रों के सम्मान के लिए है। सागर जोशी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि “छात्रों का यह अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। लड़ाई जारी रहेगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगे भी छात्रों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।







