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हिंदी दिवस पर गोष्ठी, वक्ताओं ने कहा- दैनिक जीवन में बढ़ाएं हिंदी का प्रयोग

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बागेश्वर। सोबन सिंह जीना परिसर बागेश्वर में हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हिंदी दिवस पर आयोजित गोष्ठी में छात्र-छात्राओं को हिंदी भाषा के महत्व, इतिहास और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक कमलेश जोशी और मोहन चंद्र जोशी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हिंदी को जन-जन की भाषा बताते हुए इसे समृद्ध बनाने और दैनिक जीवन में अधिक से अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में हिंदी विभाग की ओर से कविता पाठ के साथ ही पोस्टर, ऐपण और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। कविता पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी भावनाएं और विचार प्रस्तुत किए। वहीं पोस्टर और ऐपण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा भाकुनी ने कहा कि हिंदी हमारी अनमोल धरोहर है। हिंदी भाषा ने देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से हिंदी भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने और इसके अधिकाधिक प्रयोग की अपील की।

हिंदी प्रवक्ता डॉ. रेखा ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदी को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है। हिंदी के क्षेत्र में रोजगार की अनेक संभावनाएं हैं, जिन्हें युवाओं तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिंदी की एक खास विशेषता यह है कि सामान्य तौर पर इसे जिस तरह बोला जाता है, उसी तरह लिखा भी जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के व्यावहारिक और व्यावसायिक उपयोग की जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

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वहीं हिंदी प्रवक्ता डॉ. पिंकी पांडे ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसे लेकर सभी को गौरव महसूस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर क्षेत्र में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ हिंदी के प्रयोग को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। हिंदी को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में भी अपनाया जाना चाहिए।

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कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने हिंदी भाषा को लेकर अपने विचार साझा किए। विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन से परिसर में हिंदी दिवस का कार्यक्रम रचनात्मक और उत्साहपूर्ण बना रहा। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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