बागेश्वर: पगना-बेहरगांव में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए चयनित भूमि का पर्यावरण बोर्ड, राजस्व तथा नगर पालिका की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। यहां ट्रंचिंग ग्राउंड बनने पर बादल नहीं छठ सके हैं। अब पालिका ने दूसरे स्थान पर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए भी कदमताल शुरू कर दिए हैं।
नगर में कूड़े के निस्तारण को लेकर बड़ी समस्या है। वर्तमान में मालता रोड पर कूड़ा खुले में निस्तारित किया जा रहा है। बिलौना-पगना मोटर मार्ग पर ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए पालिका ने भूमि का चयन किया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद वह अधर में लटक गया है। शनिवार को पर्यावरण बोर्ड की टीम ने भूमि का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि चयनित भूमि से 200 मीटर की परिधि में गांव है। 100 मीटर में नदी तथा स्कूल, रास्ता, सड़क तथा रेलवे लाइन के लिए सर्वे आदि भी है। उन्होंने जांच के लिए आई टीम को जमकर खरी-खरी भी सुनाई। सामाजिक कार्यकर्ता सज्जन लाल टम्टा ने कहा कि ग्रामीणों की जंग अब अंतिम पड़ाव पर है। पर्यावरण बार्ड के अनुसार ट्रंचिंग ग्राउंड की भूमि कतई नियमों में खरी नहीं उतर रही है। उन्होंने कहा कि 24 फरवरी से प्रस्तावित आंदोलन को भी वह स्थगित कर रहे हैं। कहा कि जिलाधिकारी से हुई वार्ता के दौरान ग्रामीणों की ओर से अपनी आपत्तियां तथा चिंताएं विस्तार से रखी गईं। जिसके बाद यह जांच हो सकी है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान पगना राकेश सिंह नेगी, ग्राम प्रधान बेहरगांव गीतांजलि टम्टा, कुंदन लाल टम्टा, सुनील कुमार टम्टा, हेमंत कुमार टम्टा, पंकज कुमार टम्टा, त्रिलोक चंद्र पांडे, देवकी नंदन पांडे आदि उपस्थित थे। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद जीना ने कहा कि ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिसमें 1.95 करोड़ रुपये पालिका को मिल गए हैं। ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए पगना मोटर मार्ग पर चयनित भूमि से लगभग डेढ़ किमी पहले वन विभाग की भूमि है। जहां पेड़ आदि भी नहीं हैं। वन विभाग से भूमि मांगी जाएगी। पुराने स्थान पर चयनित भूमि पर ट्रंचिंग बन पाना संभव नहीं है। वह मानकों में खरा नहीं उतर रहा है। वहीं ग्रामीणों का विरोध भी है।








