बागेश्वर: अनुसूचित जाति -जनजाति शिक्षक एसोसिएशन, बागेश्वर ने शिक्षा, सामाजिक न्याय, आरक्षण, पदोन्नति, छात्र कल्याण और सेवा सुरक्षा समेत 19 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी बागेश्वर के माध्यम से सीएम को भेजा। संगठन ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय न होने पर लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के शिक्षक–कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार–विमर्श के बाद शिक्षा, संवैधानिक प्रतिनिधित्व, छात्र हित, आरक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं, जिनके समाधान के लिए शासन स्तर पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
संगठन ने अनुसूचित जाति–जनजाति विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने, भुगतान को समयबद्ध बनाने, लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने, पदोन्नति में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने और विभागवार बैकलॉग रिक्तियों को भरने की मांग उठाई। इसके अलावा पारदर्शी ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया, दुर्गम क्षेत्रों के लिए संतुलित नियुक्ति नीति, उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु सहायता योजनाओं को मजबूत करने और आउटसोर्सिंग एवं संविदा क्षेत्र में आरक्षण लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। इस दौरान स्वच्छता कर्मचारियों के स्थायीकरण, पुरानी पेंशन योजना बहाली, गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं, विभागवार SC/ST प्रतिनिधित्व का श्वेत पत्र सार्वजनिक करने तथा आरक्षण व पदोन्नति संबंधी मामलों की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग भी शामिल रही। संगठन ने उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्णय के अनुरूप वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट, सेवा सुरक्षा और पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर उन्हें शिक्षण कार्य तक सीमित रखने पर जोर दिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ये मांगें केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक न्याय, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों से सीधे जुड़ी हुई हैं। संगठन ने शासन से संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के दौरान संजय कुमार टम्टा, नवीन त्रिकोटी, आनन्द लाल, महावीर गड़िया, सुनील धौनी, सुधीर कुमार टम्टा आदि मौजूद रहे।








