बागेश्वर : गरुड़ तहसील क्षेत्र के घाघली गांव में राघवप्रेमी संगठन द्वारा आयोजित संस्कारशाला का शुभारंभ हो गया है। इस संस्कारशाला का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को संगीत, लोक कला और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम के तहत 12 वर्ष से अधिक आयु के अभिभावकों के बच्चों को सार्वजनिक अवकाश के दिनों में लोक कला, संगीत एवं संस्कृति की शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाएगी।
संस्कारशाला का शुभारंभ पीएमजीएसवाई अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट एवं ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को अपनी लोक संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रह सके।
राघवप्रेमी संगठन के अध्यक्ष नंदन सिंह थापा ने बताया कि संस्कारशाला में बच्चों को संगीत, कौशल विकास, खेलकूद, नैतिक शिक्षा, व्यवहारिक ज्ञान, बौद्धिक सत्र, कुमाऊंनी संस्कृति, क्राफ्ट एवं नृत्य जैसी विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस मौके पर प्रशिक्षक प्रमोद जोशी, प्रकाश जोशी, गिरधर पांडेय, दिनेश बिष्ट सहित ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद जोशी एवं अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के बच्चों के लिए एक सकारात्मक और उपयोगी कदम बताया।








