बागेश्वर। जिले के कपकोट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को भी दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार वर्षा के कारण जिले में 13 से अधिक मोटरमार्ग बंद हो गए हैं। वहीं कई स्थानों पर भूधंसाव और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। बारिश का असर बिजली, पानी और संचार सेवाओं पर भी पड़ रहा है।
सोराग में मकान के पीछे भूधंसाव
सोराग गांव में किशन राम पुत्र भूपाल के मकान के पीछे भूधंसाव होने से परिवार पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है।
वहीं लाथी ग्रामसभा के चनुली सिरारी तोक में भी भारी बारिश से कई स्थानों पर जमीन खिसकने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि खतरे की जद में आने वाले मकानों का समय रहते चिन्हीकरण कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
भैसुरी में बारिश से मकान क्षतिग्रस्त
भैसुरी गांव में नंदन राम का मकान बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इससे परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार नंदन राम लंबे समय से आवास की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत और आवासीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
रिखाड़ी मार्ग पर आवाजाही मुश्किल
लगातार बारिश से रिखाड़ी मार्ग की स्थिति भी बदहाल हो गई है। यह मार्ग पिंडारी, करमी, भराड़ी, सुपी और तलैग-झूनी समेत कई गांवों को जोड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की नालियां बंद होने से बारिश का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा भी बना हुआ है। करीब चार किलोमीटर हिस्से तक मशीन पहुंचने की बात कही जा रही है, लेकिन आगे सड़क की खराब स्थिति के कारण आवाजाही सुचारु नहीं हो पा रही है।
असों में तीन दिन से आधे गांव की बिजली गुल
ग्राम पंचायत असों में पिछले तीन दिनों से आधे गांव में विद्युत आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। लगातार बारिश के बीच बिजली गुल होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
लगातार बिगड़ते मौसम और सड़क, बिजली समेत अन्य सेवाओं के प्रभावित होने से ग्रामीणों ने प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।








