logo

गरुड़ में बारिश का कहर, मकान ध्वस्त, सात लोगों ने भागकर बचाई जान

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। जिले में बारिश का दौर लगातार जारी है। लगातार हो रही बारिश से अब सड़कों के साथ ही मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है। गरुड़ तहसील के घेटी गांव में भारी बारिश के बीच एक मकान क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया। मकान में मौजूद सात परिजनों ने समय रहते बाहर निकलकर किसी तरह अपनी जान बचाई। घर का सामान मलबे में दब गया। पीड़ित परिवार ने फिलहाल बच्चों समेत छोटे भाई के घर में शरण ली है।

रविवार रात घेटी गांव निवासी दिनेश कुमार पुत्र धर्म राम के मकान की पिछली दीवार से पत्थर गिरने की आवाज और हलचल महसूस हुई। खतरे को भांपते हुए दिनेश कुमार ने परिवार के सदस्यों को तुरंत घर से बाहर निकाला। घटना के समय घर में सात लोग मौजूद थे, जिनमें दिनेश की 52 वर्षीय दिव्यांग बहन विमला देवी और तीन बच्चे भी शामिल थे। सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन मकान का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से घर में रखा सामान मलबे में दब गया।

यह भी पढ़ें 👉  कांग्रेस ने नैनीताल पुलिस पर लगाया लोकतंत्र विरोधी रवैये का आरोप, एसएसपी का पुतला दहन

घटना के बाद परिवार ने छोटे भाई रमेश के घर में शरण ली है। ग्राम प्रधान अशोक वर्धन ने बताया कि सोमवार को प्रशासन की ओर से पटवारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

यह भी पढ़ें 👉  अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

तीन अन्य मकानों को भी नुकसान

अतिवृष्टि के कारण तहसील क्षेत्र के अन्य गांवों में भी मकानों को नुकसान पहुंचा है। उड़खुली निवासी चंद्रा देवी पत्नी ताराचंद्र और भतड़िया निवासी रोशनी देवी पत्नी देवेंद्र सिंह के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं ग्राम पंचायत मजकोट के अगरकोट गांव में संतोष कुमार के मकान की छत टूट गई।

बताया गया कि संतोष मानसिक दिव्यांग हैं और माता-पिता के नहीं होने के कारण बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रूप सिंह ने प्रशासन से संतोष के लिए आवास की व्यवस्था कराने और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की

कई गांवों में रास्ते भी क्षतिग्रस्त

अत्यधिक बारिश के कारण तहसील क्षेत्र के कई गांवों में पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। तहसीलदार निशा रानी ने संबंधित क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षकों को मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लेने और जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन किए जाने के बाद प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
Share on whatsapp