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बागेश्वर जिला पंचायत बैठक में अधिकारियों पर फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा

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– सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्यों ने जताई नाराजगी

बागेश्वर : जिला पंचायत बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर सदस्यों ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। सदस्यों ने बाहरी ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने अधिकारियों से सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने भी सभी अधिकारियों को बैठक में उठाई गई समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर संबंधित सदस्यों को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सदस्य दीपक खुल्बे और सुंदर गड़िया ने किसानों को डीजल-पेट्रोल नहीं मिलने की शिकायत उठाई। जिला पंचायत सदस्य जनार्दन लोहनी ने पर्वतीय क्षेत्रों में डिपो से डीजल-पेट्रोल आपूर्ति में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने पेयजल और जल निगम द्वारा ग्रामीणों की अनुमति के बिना पेयजल लाइनें खोदने की शिकायत भी दर्ज कराई। जिला पंचायत सदस्य गोपा धपोला ने कांडा क्षेत्र की पेयजल योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। वहीं समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। जिला पंचायत सदस्य बबलू नेगी ने डीएफओ के बैठक में नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत लखनी में पेयजल कार्य अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ज्योति राठौर ने पेयजल टंकी में लीकेज, बलवंत राम ने आपदा प्रभावित पौसारी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति, गोपा धपोला ने अनियमित विद्युत आपूर्ति और सरचार्ज, बसंती देव ने बोरबलड़ा और कुंवारी में विद्युतीकरण नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। भास्कर बोरा ने आवासीय मकानों के ऊपर से विद्युत लाइनें हटाने की मांग की। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, विधायक पार्वती दास, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी अनिल जोशी ने किया।

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