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यूकेडी नेताओं को नोटिस जारी होने पर गरमाई सियासत,यूकेडी के बढ़ते जनाधार से घबराई सरकार : चंदोला

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बागेश्वर: उत्तराखंड क्रांति दल के दो युवा नेताओं को न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर यूकेडी ने आज प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पार्टी के बढ़ते जनाधार से घबराकर सरकार दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। प्रेस वार्ता में यूकेडी नेताओं ने कहा कि प्रदेशभर में जनता का विश्वास तेजी से यूकेडी की ओर बढ़ रहा है और यही कारण है कि सत्ता पक्ष विभिन्न हथकंडों के जरिए पार्टी की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। नेताओं ने साफ कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से यूकेडी डरने वाली नहीं है और आंदोलन तथा जनसरोकारों की लड़ाई पहले से अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगी। यूकेडी पदाधिकारियों ने कहा कि आज प्रदेश की जनता बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं की बदहाली से परेशान है। ऐसे समय में यूकेडी लगातार जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर मंच तक मजबूती से उठा रही है। यही कारण है कि युवाओं और आम लोगों का समर्थन तेजी से पार्टी के साथ जुड़ रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक दबाव और कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनआवाज को दबाने की कोशिश उचित नहीं है। इस दौरान केंद्रीय युवा प्रकोष्ठ के कोषाध्यक्ष वरुण चंदोला ने कहा कि यूकेडी आगामी चुनाव पूरी ताकत और संगठनात्मक मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता संघर्ष की राजनीति से निकले हैं और किसी प्रकार के दबाव से डरने वाले नहीं हैं। यूकेडी प्रदेश की अस्मिता, युवाओं के भविष्य और जनहित के मुद्दों की लड़ाई लड़ रही है। जनता का विश्वास लगातार हमारे साथ जुड़ रहा है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रेस वार्ता में हीरा बल्लभ भट्ट, भुवन कांडपाल, मनोज चौहान, संजय कुमार, गोपाल कार्की और पंकज भट्ट मौजूद रहे।

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