बागेश्वर। पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेदिक परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय परिसर में औषधीय पौधों का वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हरित एवं स्वस्थ वातावरण बनाने का संकल्प लिया। वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान अकरकरा, मधुनाशिनी, कपूरवल्ली, तिमूर, शिरीष, गुड़हल सहित विभिन्न औषधीय गुणों से युक्त पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को आयुर्वेदिक पौधों के महत्व और उपयोगिता के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. निशा शर्मा कोहली ने कहा कि आयुर्वेदिक पौधे न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. एजल पटेल, चीफ फार्मासिस्ट ओमप्रकाश रतूड़ी सहित कार्यालय कर्मियों लक्ष्मण सिंह, गौरव बिष्ट, नवीन, प्रदीप नेगी, केवलानंद, मनोज चंदोला, सुरेश, रमेश और प्रकाश पर्वतीय ने पौधरोपण में सहभागिता की। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के अंत में किशन सिंह मलड़ा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए पूर्व में लगाए गए तेजपत्ता, लोकाट, च्यूरा और रुद्राक्ष जैसे पौधों के वृक्ष बन जाने पर विभाग की सराहना की। सभी उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया।








